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मराठा सामाज की सभी मांगे की गयी पूरी

 मैने अपने वचन का पालन किया - मुख्यमंत्री  मराठा सामाज की सभी मांगे की गयी पूरी  नवी मुंबई। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मनोज जारांगे को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म करा दिया. इसके बाद मुख्यमंत्री ने मनोज जारांगे पाटिल की तारीफ करते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं. मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे गरीब समाज के दुख-दर्द का भी अंदाजा है।' इसलिए मैंने सार्वजनिक रूप से छत्रपति शिवाजी महाराज की शपथ ली थी , उस शपथ को पूरा करने का काम किया जा रहा है . एकनाथ शिंदे ने कहा कि अपनी बात रखना मेरे काम करने का तरीका है. उन्होंने कहा कि मनोज जारांगे पाटिल की तीन मांगें थीं कि जिन परिवारों के 54 लाख रिकॉर्ड मिले हैं, उन्हें प्रमाण पत्र दिया जाए, जिन परिवारों के रिकॉर्ड पाए गए हैं, उन्हें तत्काल आरक्षण दिया जाए और तीसरी मांग थी जिनके रिकॉर्ड पाए गए हैं, उनके रिश्तेदारों को प्रमाण पत्र दिया जाए। उन मांगों को मान लिया गया है . मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे खुद गजट लेकर नवी मुंबई में मनोज जारांगे से मिले और उन्हें सबके सामने गजट की प्रति दी।  मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने क्या कहा? मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं मर...

बगावत में उलझी महाराष्ट्र की राजनीति

  बगावत में उलझी महाराष्ट्र की राजनीति  मनीष अस्थाना  लगभग दो दशक पहले महाराष्ट्र की राजनीति में कांग्रेस का वर्चस्व हुआ करता था , लेकिन विदेशी मूल के मुद्दे पर शरद पवार ने कांग्रेस से बगावत कर अपनी अलग पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी बना ली लेकिन जब शरद पवार को लगा कि वे अपने दम पर महाराष्ट्र में सरकार नहीं बना पाएंगे तब उन्होंने कांग्रेस पार्टी के साथ समझौता कर गठबंधन कर लिया और महाराष्ट्र में कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार भी बनाई और कांग्रेस के छोटे भाई की भूमिका में आ गए ।   शिवसेना में भी पारिवारिक सत्ता संघर्ष की लड़ाई तेज हो गई जिसकी वजह से शिवसेना में बगावत करने की शुरुआत छगन भुजबल और नारायण राणे से शुरू हुई । छगन भुजबल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए और नारायण राणे ने कांग्रेस का दामन थाम लिया । उसके बाद शिवसेना से गणेश नाईक , संजय निरुपम जैस कई लोग अलग हो गए , यह सब उस समय हो रहा था जब बाल ठाकरे जीवित थे । शिवसेना में हुई इस बगावत का असर कुछ खास अधिक नहीं पड़ा उस समय बाल ठाकरे ने पार्टी को तो संभाल लिया, लेकिन पार्टी के बिखराव को रोक नहीं पाए ,...