यहाँ गठबंधन के कोई मायने नहीं बागियों को मिल रहा है पार्टी नेताओं का समर्थन मनीष अस्थाना इस विधानसभा चुनाव में ठाणे व रायगढ़ जिले की कुछ सीटें ऐसी भी हैं जहाँ भाजपा - शिवसेना में गठबंधन के कोई मायने नहीं , शिवसेना के वरिष्ठ नेता अपने बागी प्रत्याशी को तथा भाजपा के नेता अपने बागी प्रत्याशी को खुलकर समर्थन कर रहें हैं इन लोगों के सामने पार्टी प्रमुखों के आदेश के कोई मायने नहीं हैं? कार्यकर्ता क्या चाहतें हैं इस बात से भी उन्हें कोई सरोकार नहीं ? अपनी पार्टी लाइन का पार्टी के ही वरिष्ठ नेता खुलेआम उलंघन करते हुए दिखाई दे रहें है। ठाणे जिले के तहत आने वाले शहर नवी मुंबई शहर में वैसे देखा जाय तो चार विधानसभा की सीटें आती हैं जिसमें दो विधानसभा सीटें ठाणे जिले में आती है और दो सीटें रायगड जिले में ठाणे जिला की सीमा में बेलापुर तथा ऐरोली विधानसभा सीट तथा रायगड जिले में पनवेल तथा उरण विधानसभा सीटें हैं। भाजपा शिवसेना में गठबंधन होने के बाद बेलापुर तथा ऐरोली विधानसभा सीट भाजपा को दे दी गयी जबकि पनवेल भाजपा को तथा उरण विधानसभा सीट शिवसेना को देने का निर्णय लिया गया लेकिन...