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बिहार जीतने के लिए भाजपा का “ मिशन मुंबई ” मनीष अस्थाना       आने वाले कुछ दिनों के बाद बिहार में विधानसभा के चुनाव होने वाले है , चुनाव जीतने के लिए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी अपनी रणनीति बनाने की शुरुआत की है । चुनावी रणनीति के तहत भारतीय जनता पार्टी पिछले कुछ दिनों से “ मिशन मुंबई ” की रणनीति पर काम कर रही है । भाजपा तथा आरएसएस के नेताओं को यह बात अच्छी तरह से पता है कि मुंबई में बड़ी संख्या में बिहार के लोग रहते है । भाजपा नेताओं का सोचना है कि यदि मुंबई में रहने वाले बिहारी लोगों को किसी तरह अपनी तरफ आकर्षित कर लिया जाये तो बिहार में रहने वाले उनके रिश्तेदार या परिवार के लोग भाजपा को समर्थन दे सकते है जिसकी वजह से बिहार की चुनावी लड़ाई को काफी हद तक कामयाबी मिल सकती है ।       मुंबई तथा आसपास के उपनगरों में रहने वाले बिहारी लोगों को भाजपा से जोड़ने के लिए तथा  उनका ब्रेन वाश करने के लिए कुछ दिनों से आरएसएस तथा भाजपा के कुछ कार्यकर्ता मुंबई मिशन को अंजाम देने के लिए मुंबई में अपना डेरा डाले बैठे हैं । पिछले दिनों बिहार से ...

राहुल गांधी के सामने संगठन मजबूत करने की सबसे बड़ी चुनौती

राहुल गांधी के सामने संगठन मजबूत करने की सबसे बड़ी चुनौती किस तरीके से जीतेंगे अपने कार्यकर्ताओं का विश्वास मनीष अस्थाना       2014 के लोकसभा के चुनाव तथा महाराष्ट के विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपनी पार्टी के कोई करिश्मा नहीं दिखा पाये । लोकसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र में हुये विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा । इसके बाद जितने भी प्रदेशों में चुनाव हुये वहाँ पर भी राहुल गांधी अपना कोई करिश्मा नहीं दिखा पाये । सीधे शब्दों में यदि कहा जाय तो नरेंद्र मोदी के सामने राहुल गांधी कहीं भी टिक नहीं पाये जिसकी वजह से कांग्रेस के गुब्बारे की हर जगह हवा निकल गयी । कई प्रदेशों में कांग्रेस की हवा निकलने के बाद कई लोगों ने राहुल गांधी को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जबकि कुछ चाटुकार लोगों ने राहुल गांधी का बचाव भी किया और कहा कि संगठन का कमजोर होना उनकी हार की प्रमुख वजह है ।       वैसे देखा जाय तो कांग्रेस की हार की शुरुआत उत्तर प्रदेश में 2012 के विधानसभा से हो चुकी थी । उत्तर प्...