बिहार जीतने के लिए भाजपा का “मिशन मुंबई”
मनीष अस्थाना
आने वाले कुछ
दिनों के बाद बिहार में विधानसभा के चुनाव होने वाले है ,चुनाव जीतने के लिए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी अपनी रणनीति
बनाने की शुरुआत की है । चुनावी रणनीति के तहत भारतीय जनता पार्टी पिछले कुछ दिनों
से “मिशन मुंबई” की रणनीति पर काम कर रही है ।
भाजपा तथा आरएसएस के नेताओं को यह बात अच्छी तरह से पता है कि मुंबई में बड़ी
संख्या में बिहार के लोग रहते है । भाजपा नेताओं का सोचना है कि यदि मुंबई में रहने वाले बिहारी लोगों को किसी तरह अपनी तरफ आकर्षित कर लिया जाये
तो बिहार में रहने वाले उनके रिश्तेदार या परिवार के लोग भाजपा को समर्थन दे सकते
है जिसकी वजह से बिहार की चुनावी लड़ाई को काफी हद तक कामयाबी मिल सकती है ।
मुंबई
तथा आसपास के उपनगरों में रहने वाले बिहारी लोगों को भाजपा से जोड़ने के लिए तथा उनका ब्रेन वाश करने के लिए कुछ दिनों
से आरएसएस तथा भाजपा के कुछ कार्यकर्ता मुंबई मिशन को अंजाम देने के
लिए मुंबई में अपना डेरा डाले बैठे हैं । पिछले दिनों बिहार से एक स्पेशल ट्रेन
मुंबई आई जिसमें बड़ी संख्या में लोगों को मुंबई लाया गया । इस
ट्रेन में बिहार प्रदेश के आरएसएस तथा बीजेपी के वे लोग थे जिन्हें मुंबई में रहने
वाले बिहारी लोगों को भाजपा से जोड़ने का काम दिया गया था । जानकारी के अनुसार
आरएसएस और बीजेपी के यह कार्यकर्ता मुंबई में रहने वाले बिहार के लोगों से
व्यक्तिगत रूप से संपर्क बनाकर बिहार में बीजेपी को चुनाव जीताने
की बात कह रहें है ।
भाजपा
और आरएसएस ने रणनीति बनाई है कि प्रत्येक उपनगर में छोटे छोटे कार्यक्रम लेकर
मुंबई में रहने वाले बिहारी लोगों को जोड़ने का काम किया जाएगा । हालांकि भाजपा ने मुंबई में भाजपा नेताओं की एक सभा लेने का कार्यक्रम भी बनाया है
जानकारी के अनुसार इस सभा को राजीव प्रताप रुड़ी तथा शाहनवाज़ हुसैन संबोधित करेंगे । भाजपा ने इसके लिए बड़े स्तर पर तैयारियाँ भी शुरू की है
दूरदराज़ के उपनगरों से बिहारी लोगों को सभा में बुलाने के
लिए निशुल्क बस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है । निशुल्क बस सुविधा का प्रचार के
लिए अखबारों का सहारा न लेकर सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है ।
भाजपा
नेताओं का मानना है कि बिहार चुनाव में इस बार उनका मुक़ाबला नितीश कुमार तथा लालू
प्रसाद से है । इस लिए इन दोनों नेताओं को मात देने के लिए अपनी जीत का रास्ता
मुंबई से निकाला जाय भाजपा नेताओं का मानना है कि यदि मुंबई में रहने वाले बिहारी लोगों को भाजपा को समर्थन मिल जाता है तो उनकी लड़ाई काफी
हद तक आसान हो जाएगी । क्यूँ कि भाजपा की तरह मुंबई में न
तो लालू प्रसाद यादव का संगठन मजबूत है और न ही नितीश कुमार का इसलिए भाजपा ने
मिशन मुंबई की शुरुआत की है । हालांकि मुंबई के सभी बिहारी लोग
भाजपा को समर्थन करेंगे इस बात की उम्मीद काफी कम है । मुंबई में नितीश
कुमार तथा लालू प्रसाद की ताकत भले ही न हो लेकिन यहाँ पर कांग्रेस की अपनी ताकत
जरूर है और कांग्रेस ने मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पद की ज़िम्मेदारी संजय निरूपम को
दे रखी है और संजय निरूपम की बिहारी लोगों पर ख़ासी पकड़ है । संजय निरूपम की तुलना में भारतीय जनता के पार्टी के
पास मुंबई में ऐसा कोई भी चेहरा दिखाई नहीं देता है जिसकी वजह से यह कहा जा सके कि
मुंबई के रहने वाले बिहारी लोग आसानी से भाजपा से जुड़ जायेंगे ?
मुंबई में रहने वाले बिहारियों को
जोड़ने बीजेपी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है वह इसलिए कि महाराष्ट्र में भाजपा
की सरकार होने के बावजूद बिहारियों के लिए कुछ खास नहीं किया गया है । अभी पिछले
दिनों भाजपा सरकार ने मुंबई में मराठी वोटों को अपनी तरफ प्रभावित करने के लिए
रिक्शा का लाइसेन्स देने में मराठी कार्ड खेलते हुये स्पष्ट आदेश दिया है जिन
लोगों को मराठी भाषा बोलना नहीं आता होगा उन लोगों को रिक्शा का परमिट नहीं दिया
जाएगा । पता ही कि मुंबई तथा उप नगरों में बड़ी संख्या में बिहारी लोग है जो रिक्शा
चलाकर अपनी जीविका चलाते है और नए परमिट की उम्मीद करते है । भाजपा की ऐसी दोहरी
नीतियों के कारण बिहार के लोग नाराज है इसके बावजूद भाजपा के नेता बिहार के विकास
के नाम पर मुंबई के बिहारियों को अपने साथ जोड़ने की बात कर रहें है ऐसे में अब
देखना यह होगा कि भाजपा का यह मिशन मुंबई किस तरह से कामयाब होगा ?
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