सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

2010 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

महाधिवेसन के बहाने

मनीष अस्थाना कुछ दिनों पहले कांग्रेस ने अपनी १२५ वें साल पुरे होने पर महाधिवेसन का आयोजन किया था , इस महाधिवेसन का आयोंजन दिल्ली में किया गया था । इस अधिवेसन के दोरान जहाँ एक तरफ कांग्रेसी नेताओं के चेहरों पर खुसी दिखाई दे रही तो दुसरी तरफ सीत सत्र के समय विरोधी दलों द्वरा लगाये गए भ्रस्टाचार के आरोपों के टीस भी दिखाई दे रही थी जिसे उनके चेहरों पर साफ पढ़ा जा सकता था, चाहे वह सोनिया गाँधी हो या फिर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हो या फिर कोई दूसरा नेता हो। कांग्रेस के बड़े नेता इस बात को अच्छी तरह से जानते थे की इस सरकार के समय जो भ्रस्टाचार हुआ है उसकी वजह से पार्टी की छवि भी ख़राब हुई है जिसका असर पार्टी के कार्यकर्ताओं पर भी पड़ा है पार्टी ने अधिवेसन के दोरान उस छवि को भी सुधारने का प्रयास यह कह कर किया की उनकी पार्टी ने तो अपने नेताओं पर तो कार्यवाई की लेकिन बीजेपी ने अपने नेताओं पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की , इसका सीधा सा मतलब लगाया जा सकता है की अपने चहरे का दाग छिपाने के लिए यह दिखाना की देखो उसके चहरे पर भी तो दाग लगा है, पहले अपने चेहरे का दाग साफ करो फिर दुसरे का दाग दिख...

बिहार का जनादेश

मनीष अस्थाना बिहार विधानसभा के चुनाव में जिस तरह के परिणाम सामने आये उससे सभी पार्टियों को झटका जरुर लगा, कोकि इस तरह के परिणाम आयेंगे यह किसी को कतई उम्मीद नहीं थी इस बात को खुद नीतीश कुमार ने स्वीकार किया है बिहार के नेता लालू प्रसाद यादव ने खुद इन परिणामों को रहेस्य्मई बताया है उनके अनुसार इस तरह के परिणाम आना असंभव है । लालू प्रसाद को उम्मीद थी की उनकी सत्ता भले ही न आये लेकिन सीटें उनकी अवस्य अधिक आएगी लेकिन एसा कुछ नहीं हुआ , बिहार के मतदाताओं ने तो विधानसभा में ठीक तरह से विपक्चभी नहीं भेजा । इस बार के बिहार विधान सभा चुनाव में नीतीश कुमार को २०६ सीटें मिली बाकि सभी दलों को मुह की खानी पड़ी । चुनाव परिणाम आने के बाद सवाल यह उठता है की इतनी बड़ी सफलता आखिर नितीश को मिली कैसे तो इसका सीधा सा जवाब यही मना जायेगा की अब बिहार का मतदाता अपने प्रदेश का विकाश चाहता है पिछले पांच सालों मं नितीश कुमार ने जिस तरह से काम किया ओर वहां के लोगों को बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराईं उससे वहा का मतदाता संतुस्ट दिखाई दिया । बिहार के लोगों का कहेना था की इससे पहले यहाँ के दुसरे दलों के नेताओं ने विका...