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मई, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आखिर क्या है कर्नाटक चुनाव परिणाम के मायने ?

किसी को भी नहीं मिला पूर्ण बहुमत मनीष अस्थाना मंगलवार के दिन कर्नाटक चुनाव के परिणाम घोषित हो गए , लेकिन यह चुनाव परिणाम किसी भी राजनीतिक दल की उम्मीदों पर खरे साबित नहीं हुए चुनाव परिणाम आने से पहले भाजपा को पूरी उम्मीद थी कि उसे 120 के आसपास सीटें मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ भाजपा की सीटें बढ़ीं तो जरूर लेकिन बहुमत का आंकड़ा पार नहीं कर पायी भाजपा यहां पर 104 सीटें ही हासिल कर पाई इसी तरह कर्नाटक में कांग्रेस का दावा भी खोखला ही साबित हुआ वह अपनी सरकार तक नहीं बचा पायी कांग्रेस मात्र 78 सीटों पर ही सिमट कर रह गयी । जैसा कि राजनीतिक जानकारों का अनुमान था कि यहां पर जेडीएस सरकार बनाने के लिए किंग मेकर की भूमिका में आ सकता है और वही हुआ भी , कर्नाटक में जेडीएस को किंग की भूमिका में आने का मसुक मिला । चुनाव परिणाम घोषित होने से पहले इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि यदि भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिला तो वह जेडीएस के साथ मिलकर सरकार बना लेगी लेकिन चुनाव परिणामों के बीच में ही कांग्रेस ने एक ऐसा कार्ड खेला जिसकी उम्मीद कम की जा रही थी , कांग्रेस ने जेडीएस नेताओं से मिलकर कहा कि वे सरकार...

पेट्रोल होगा सौ के पार देेश में बनेगी फिर मोदी सरकार

                   मनीष अस्थाना नरेंद्र मोदी सरकार इस बात को मानकर चल रही है कि वह जो भी काम कर रही है वह कांग्रेस सरकार से बेहतर है , लेकिन मोदी सरकार क्या कर रही है जो कांग्रेस सरकार से बेहतर है यह बात जनता को समझ में नहीं आ रही है ? देश की जनता इस बात को नहीं समझ पा रही है कि मोदी सरकार आखिर ऐसा कौन सा विकास काम कर रही है जिसकी वजह से आर्थिक हालात खराब होते जा रहे है , देश का हर कारोबार मंदी की चपेट में है , देश के व्यापारी यह सोचकर परेशान हो रहें है कि मोदी सरकार द्वारा विकास करने के वावजूद उनका व्यापार बढ़ क्यों नहीं रहा है ? मोदी सरकार ने चार साल पूरे कर लिए इन चार सालों देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग सभी देशों की यात्राएं कर चुके हैं , देश का युवा वर्ग को यह बात समझ में नहीं आ रही है कि मोदी भारत मे करोड़ो अरबों के निवेश पर समझौता कर चुके है लेकिन फिर भी युवाओं के लिए नए रोजगार उपलब्ध क्यों नहीं हो रहें हैं । देश का हर व्यापारी अब यह कहते हुए दिखाई देने लगा है आज से 15 साल पहले जब उसने कारोबार शुरू किया था उसके बाद...

जिन्ना का जिन्न मचा रहा उत्पात

जिन्ना का जिन्न फिर मचा रहा है उत्पात जिन्ना की विचारधारा वाले नहीं हो सकते हैं राष्ट्रभक्त मनीष अस्थाना आजादी के बाद जिस तरीके से मोहम्मद अली जिन्ना ने भारत के विभाजन में महत्वपूर्ण किरदार निभाते हुए भारत का विभाजन कराया था उस इतिहास को हिंदुस्तान कभी नहीं भूल सकता है । मोहम्मद अली जिन्ना ने पाकिस्तान की नींव लाखों निर्दोष लोगों की लाशों पर रखी थी । आजादी के बाद जिन्न एक बार फिर आजाद हिंदुस्तान की सड़कों पर खुले आम उत्पात मचा रहा है । यह मामला है अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का यहां पर जिन्ना की तस्वीर लगी हुई है , जिन्ना की यह तस्वीर यहां क्यूँ लगाई गई है इस बारे वहां के सांसद ने कुलपति को एक पत्र लिखा था उन्होंने पत्र में जिन्ना की तस्वीर को हटाने की मांग भी की । विश्वविद्यालय से तस्वीर हटाई जाय इसके लिए हिन्दू युवा वाहिनी ने आंदोलन छेड़ रखा है जिसकी वजह से हिन्दू युवा वाहिनी के सदस्यों तथा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र संघ के तीखी झड़प हुई इसके अलीगढ़ में इतना अधिक तनाव बढ़ गया कि पुलिस के अलावा रैपिड एक्सन फोर्स तक मांगनी पड़ी । इसके साथ ही राजनीतिक हलकों से लेकर...

दलित अब कहाँ रहे अछूत

दलित अब अछूत कहाँ रहें सिर्फ वोट बैंक के लिए हो रही है राजनीति मनीष अस्थाना देश मे जो लोग वोट बैंक पक्का करने के लिए दलित के नाम की राजनीति कर रहें है उन्हें यह बात समझ लेना चाहिए कि दलित अब अछूत नहीं रहें एक समय था जब सवर्ण लोग दलितों को अछूत मानते थे और उनके यहां पानी पीने तक नहीं पीते थे लेकिन अब ऐसा नही है दलित और सवर्ण एक साथ काम करते है और एक मेज पर बैठकर खाना भी कहते है हां देश के नेताओं ने अपने स्वार्थ के लिए दलित समाज को बाकी के लोगों से अलग कर रखा है दलित समाज के जो लोग पिछड़े हैं और गरीब भी है जो इन नेताओं की राजनीति नहीं समझते हैं उनके मन मे जहर घोलने का काम करते रहते है उन्हें लगातार इस बात का आभाष दिलाते रहतें है कि वे एक समाज का हिस्सा है जिसे पिछड़ा माना जाता है वे बाकी से अलग है । दलित समाज के मन मे सबसे अधिक जहर घोलने का काम दलित नेता ही करते है । अपने आप को दलित समाज का हितैषी कहने वाली मायावती ने दलित मतदाताओं के बल पर सत्ता के शीर्ष पर पहुंच गई वे उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री भी बनी लेकिन गरीब दलितों का उत्थान नहीं कर पाई । आज जिस तरीके अमीर और गरीब सवर...

कमजोर संगठन और अनुशासन के अभाव के बीच कैसे उभर पाएगी कांग्रेस

मनीष अस्थाना पिछले दिनों कांग्रेस ने जन आक्रोश रैली निकालकर भाजपा को चेतावनी देने का काम किया है । जनाक्रोश रैली के माध्यम से कांग्रेस ने उन सभी मुद्दों को उभारने का काम किया है जो आम आदमी से लेकर खास आदमी के बीच चर्चा किये जाते रहें हैं । लोगों की उन तमाम समस्याओं को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी , पूर्व अध्यक्षा सोनिया गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रैली में उठाने का भरसक प्रयास किया । रैली को संबोधित करते हुए जिस तरीके राहुल गांधी ने कहा कि कुछ समय बाद मध्य प्रदेश , राजस्थान तथा छत्तीसगढ़ में होने वाले चुनाव में कांग्रेस को सफलता जरूर मिलेगी । लेकिन सवाल उठता है कि कांग्रेस के पास चुनाव जीतने के लिए कार्य कर्ताओं की बेहद कमीं है , पार्टी के प्रति समर्पित होकर काम करने वालों की संख्या कम हो चुकी है । चुनावों में पार्टी को जिताने के लिए संगठन को मजबूत करना बेहद जरूरी है इस बात को कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल ग़ांधी भली भांति जानते भी है । राहुल गांधी लगातार इस बात के प्रयास कर रहें हैं किसी भी तरह से पार्टी और संगठन को मजबूत किया जाय लेकिन पार्टी ...