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लॉक डाउन के बाद मुश्किलें और भी है


लॉक डाउन खुलने के बाद भी होगा गहरा संकट
मनीष अस्थाना
सरकार ने 3 मई तक लॉक डाउन की घोषणा की है साथ ही उन क्षेत्रों को कुछ राहत देने की बात कही है जहां कोरोना के संक्रमण कम है 20 अप्रैल के बाद ऐसे क्षेत्रों में बाजार खुलने की शुरुआत कर दी जाएगी । लेकिन सबसे बड़ी समस्या मुम्बई , दिल्ली जैसे महानगरों में रहने वाले मध्यम वर्गीय परिवारों को ही उठानी पड़ेगी क्योंकि बाजार या ऑफिस खुलते ही आर्थिक समस्या का समाधान नहीं होने वाला है ।
लॉक डाउन के दौरान कई छोटी कंपनियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा जिसकी वजह से ऐसी कंपनियों में काम करने वाले लोग भी प्रभावित होंगे । कई लोग प्रोपराइटर शिप कंपनी बनाकर कई तरह के व्यवसायों से जुड़े होतें हैं इन लोगों की आय पर दो चार लोगों की जीविका निर्भर करती है जैसे कि कंसल्टिंग का कारोबार , छोटी विज्ञापन एजेंसी, छोटे प्रिंटिंग प्रेस इसके साथ ही कई तरह ऐसे ही छोटे व्यवसाय जिनके साथ जुड़कर लोग अपनी जीविका चलाते हैं कोरोना महामारी की मार की वजह से इनका व्यवसाय पूरी तरह से चौपट हो गया इस तरह का व्यवसाय करने वाले लोग हर महीने होने वाली आय से अपने साथ साथ अपने मातहत काम करने वाले लोगों की जीविका चलाने में सहायक होते थे जो अब नहीं होंगे ।
केंद्र तथा राज्य की सरकारों ने गरीब वर्ग के लिए योजनाओं पर काम किया या फिर अमीर लोगों के लिए कार्य किया ऐसे माध्यम वर्गीय लोगों के लिए कोई योजना नहीं बनाई । रोज कमाने वाले व्यक्ति के लिए निशुल्क खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई लेकिन उन लोगों के लिए कुछ नहीं किया जो महीने में 15 से 20 हजार कमाकर अपनी जीविका चलाते थे छोटे ऑफिसों में काम करने वाले व्यक्ति का न तो पीएफ कटता है और न ही उनके पास ऐसा कोई पत्र होता है कि जिससे यह साबित हो जाय कि फलां व्यक्ति किसी कंपनी का एम्प्लाई है कंपनी या ऑफिसों में काम करने वाले लोगों को कभी भी निष्काषित कर देता है लॉक डाउन के बाद हजारों की संख्या में ऐसे लोग बेरोजगार हो जाएंगे । सरकार ऐसे गरीब मध्यम वर्गीय लोगों के लिए कोई आर्थिक सहायता देने की कोई योजना नहीं है । 
हालांकि लॉक डाउन के दौरान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री लगातार यह अपील कर रहें हैं कि लोगों को काम से न निकालें लेकिन लॉक डाउन के बाद यह मानवता लोगों में दिखाई देगी इसमें शक है क्योंकि कई कंपनियों ने लॉक डाउन में ही निकालने का सिलसिला शुरू कर दिया है सरकार का कोई आदेश नहीं मान रहें हैं ।

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